Friday, October 23rd, 2026

बिहार पंचायत चुनाव: ईवीएम के लिए चुनाव आयोग से अबतक नहीं मिली मंजूरी

पटना 
बिहार में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में देरी होना तय है। राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) को अबतक मल्टी-पोस्ट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) प्राप्त नहीं हुई हैं। इस ईवीएम का पहली बार राज्य में होने वाले पंचायत चुनाव में उपयोग होना है। ये चुनाव 2.50 लाख से अधिक ग्रामीण स्थानीय निकायों के पदों के लिए होने हैं। पहले ये चुनाव इस महीने के अंत तक होने थे। सूत्रों का कहना है कि एसईसी की नजरें पटना हाईकोर्ट पर टिकी हैं। हाईकोर्ट में अगले हफ्ते सोमवार को चुनाव पैनल द्वारा दायर रिट याचिका पर दूसरी सुनवाई होने की उम्मीद है। एसईसी ने अपनी याचिका में बेंगलुरु स्थित इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) से मल्टी-पोस्ट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की खरीद की अनुमति देने में हुई देरी को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) से राहत मांगी है। हाईकोर्ट ने इस मामले में 23 फरवरी को हुई पहली सुनवाई के बाद दोनों पक्षों को मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। इसमें विफल रहने पर ईसीआई को हलफनामा दायर करने को कहा गया था। एसईसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'ईवीएम पाने में एसईसी को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण पंचायत चुनाव में देरी हो सकती है। हम अदालत के आदेश का इंतजार करेंगे।' गौरतलब है कि सूबे में होने वाले पंचायत चुनाव में ईवीएम मशीन की खरीद के लिए चुनाव आयोग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलने पर बिहार राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई है। याचिका में चुनाव आयोग की ओर से 21 जुलाई 2020 को जारी उस हिस्से को चुनौती दी गई है, जिसके तहत प्रत्येक राज्य के निर्वाचन आयोग के लिए ईवीएम /वीवीपैट मशीनों की आपूर्ति व डिजाइन के पहले चुनाव आयोग से मंजूरी लेना अनिवार्य है। 

इस साल सूबे में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ईवीएम मशीनों की खरीदारी करने के पूर्व चुनाव आयोग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए पत्र भेजा था। लेकिन अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलने से पंचायत चुनाव में देरी हो सकती है। पंचायती चुनाव के लिए एक विशेष तकनीक युक्त ईवीएम मशीनों की जरूरत है, जिसे सिक्योर्ड डिटैचेबल मेमरी मॉड्यूल प्रणाली कहा जाता है। ईवीएम आपूर्ति करने के लिए हैदराबाद की कंपनी इसीआईएल भी आपूर्ति करने को तैयार है किंतु चुनाव आयोग अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दे रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी आरोप लगाया है कि तकनीकी युक्त ईवीएम मशीनों की आपूर्ति की मंजूरी राजस्थान और छत्तीसगढ़ के पंचायती राज चुनाव के लिए खुद चुनाव आयोग ने दिया है लेकिन बिहार में होने वाले पंचायती चुनाव में मशीन खरीदगी के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के मामले में भेदभाव कर रहा है।

 

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Source : Agency

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